Republic TV और दो अन्य मराठी चैनल फर्जी TRP बढ़ा रहे थे। जाने क्या होता हैं TRP?

Republic TV और दो अन्य मराठी चैनल फर्जी TRP बढ़ा रहे थे। जाने क्या होता हैं TRP?

गुरुवार 8 अक्टूबर को मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि Republic TV और दो अन्य मराठी चैनल फर्जी TRP बढ़ा रहे है। वह पैसा देकर TRP बढ़ा रहे थे। हाला यह पढ़ने वाले बहुत से लोगों को यह पता नहीं होगा की आखिर TRP क्या हैं? तो आइए सबसे पहले जानते है कि TRP क्या हैं? इसका बाद इसका बारे में जानेंगे।

Republic TV और दो अन्य मराठी चैनल फर्जी TRP बढ़ा रहे है। जाने क्या होता हैं TRP?
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TRP क्या होता हैं?

सबसे पहले बता दें की TRP का फूल फ्रॉम Television Rating Point.

TRP एक ऐसा उपकरण है जिसके द्वारा यह पता लगाया जाता हैं कि कौन सा TV चैनल सबसे ज्यादा देखा जा रहा हैं। इसको आसान भाषा में समझे तो जैसे किसी भी सोशल नेटवर्क जैसे:- YouTube, Facebook, instagram पर जब वीडियो देखते हैं तो आपको गौर किए होंगे कि आपको एक जगह पर View दिख जाता हैं। जिस तरह यूट्यूब का वीडियो से पता चलता है कि कौन सा वीडियो कितना ज्यादा देखा जाता हैं। इसी तरह काम करता TV का TRP काम करता हैं। किसी भी टीवी चैनल के लिए उनके TRP बढ़ाना बहुत जरूरी होता हैं। प्रोग्राम की TRP सबसे ज्यादा होना मतलब सबसे ज्यादा दर्शक उस प्रोग्राम को देख रहे हैं। तो अब आइए जानते हैं TRP घोटाला का राज क्या हैं?


फर्जी TRP बढ़ा रहे है ये चैनल।

गुरुवार 8 अक्टूबर को मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि Republic TV और दो अन्य मराठी चैनल फर्जी TRP बढ़ा रहे है। वह पैसा देकर TRP बढ़ा रहे थे। मुंबई पुलिस ने दो मराठी चैनलों के मालिक समेत 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। फर्जी TRP के खेल में शामिल होने के आरोप पर Republic TV के Editor अर्णब गोस्वामी की तरफ से कहा गया है कि मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने रिपब्लिक टीवी के खिलाफ झूठे आरोप लगाए हैं। क्योंकि हमने सुशांत सिंह राजपूत केस में उनकी जांच पर सवाल उठाए थे। Republic TV मुंबई पुलिस कमिश्नर के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस करेगा।

Republic TV और दो अन्य मराठी चैनल फर्जी TRP बढ़ा रहे है। जाने क्या होता हैं TRP?
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जिन चैनल न्यूज़ चैनल पर TRP बढ़ाने का आरोप लगा है, वो एक फ्री टू एयर चैनल है।

जिन चैनल न्यूज़ चैनल पर TRP बढ़ाने का आरोप लगा है, वो एक फ्री टू एयर चैनल है। इसका मतलब है कि यह चैनल को देखने के लिए आपको कोई सब्सक्रिप्शन फीस आप से नहीं लिया जाता हैं। तो अब आप बोलोगे की जब यह चैनल सब्सक्रिप्शन फीस नहीं लेती हैं तो इसकी कमाई कैसे होती हैं। तो आइए यह भी जान लेते की फ़्री सब्सक्रिप्शन वाले चैनल की कमाई कैसे होती हैं?


फ़्री सब्सक्रिप्शन वाले चैनल की कमाई कैसे होती हैं?

फ़्री सब्सक्रिप्शन वाले चैनल कमाई का एक ही तरीका का होता हैं और आे हैं टीवी पर विज्ञापन दिखा कर। इनकी विज्ञापन के द्वारा ही होता हैं।

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